Wednesday, 12 August 2026

MJR Unit I 5. Folds and Faults

*जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU)** के बीए/बीएससी (प्रथम वर्ष/सेमेस्टर) के **भौतिक भूगोल (Physical Geography - Major)** पाठ्यक्रमानुसार 'वलन और भ्रंश' (Folds and Faults) पर आधारित मुख्य परीक्षा उपयोगी नोट्स नीचे तैयार किए गए हैं।

## 1. भू-संचलन एवं अंतर्जात बल (Introduction)

पृथ्वी के आंतरिक भाग से उत्पन्न होने वाले बलों को **अंतर्जात बल (Endogenetic Forces)** कहते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं:

 1. **पटल विरूपणी बल (Diastrophic Forces):** मंद गति से कार्य करते हैं और धरातल पर विषमताओं का निर्माण करते हैं।

 2. **आकस्मिक बल (Sudden Forces):** जैसे ज्वालामुखी व भूकंप।

पटल विरूपणी बल के अंतर्गत क्षैतिज संचलन (Horizontal Movements) से तनाव और संपीडन उत्पन्न होता है, जिससे **वलन (Folding)** और **भ्रंश (Faulting)** का निर्माण होता है।

2. वलन (Folding)

जब पृथ्वी की भूपर्पटी चट्टानों पर **संपीडनात्मक बल (Compressional Force)** — यानी दोनों ओर से आमने-सामने का दबाव — कार्य करता है, तो चट्टानों की परतों में मोड़ या लहरदार लहरें बन जाती हैं। इसे **वलन** कहते हैं।

### वलन के प्रमुख भाग (Parts of a Fold)

 * **अपनति (Anticline):** चट्टानों में मोड़ के कारण ऊपर उठा हुआ भाग।

 * **अभिनति (Syncline):** मोड़ के कारण नीचे धंसा हुआ भाग।

 * **वलन की भुजाएँ (Limbs of Fold):** मोड़ के दोनों तरफ के ढालदार भाग।

```

        /\ <-- अपनति (Anticline)

       / \

______/ \______

            \ /

             \__/ <-- अभिनति (Syncline)


```

### वलन के प्रकार (Types of Folds)

 1. **सममित वलन (Symmetrical Fold):** जब संपीडन बल दोनों ओर से समान होता है। दोनों भुजाओं का झुकाव/ढाल बराबर होता है।

 2. **असममित वलन (Asymmetrical Fold):** जब एक ओर से बल अधिक लगता है। एक भुजा सामान्य ढाल वाली तथा दूसरी तीव्र ढाल वाली होती है।

 3. **एकनत वलन (Monoclinal Fold):** इसमें वलन की एक भुजा का झुकाव समकोण या सीधे ढाल में होता है और दूसरी भुजा सामान्य ढाल वाली होती है।

 4. **समनत वलन (Isoclinal Fold):** जब अत्यधिक संपीडन के कारण दोनों भुजाएँ एक ही दिशा में झुक जाती हैं और लगभग समानांतर हो जाती हैं।

 5. **प्रतिवलन (Overturned Fold):** जब एक ओर से इतना अधिक बल लगता है कि वलन की एक भुजा दूसरी भुजा के ऊपर उलट जाती है।

 6. **शयान या परिवलनीय वलन (Recumbent Fold):** इसमें बल इतना तीव्र होता है कि वलन की दोनों भुजाएँ क्षैतिज दिशा में एक-दूसरे के समानांतर हो जाती हैं और क्षैतिज तल पर सोई हुई प्रतीत होती हैं।

 7. **अंधावलन या ग्रीवा-खंड (Nappe):** जब अत्यधिक बल के कारण परिवलनीय वलन टूट जाता है और चट्टानी परतें दूर जाकर किसी अन्य चट्टान पर चढ़ जाती हैं।

## 3. भ्रंश (Faulting)

जब भूपर्पटी में **तनावमूलक बल (Tensional Force)** या विषम संपीडनात्मक बल के कारण चट्टानों में दरार पड़ जाती है और दरार के सहारे चट्टानों का विस्थापन (स्थानांतरण) होता है, तो उसे **भ्रंश** कहते हैं।

### भ्रंश के प्रमुख घटक (Components of a Fault)

 * **भ्रंश तल (Fault Plane):** वह तल जिसके सहारे चट्टानों का खिसकाव होता है।

 * **उच्छिप्त खंड (Upthrown Block):** भ्रंश के कारण ऊपर उठा या अपनी जगह बना रहा भाग।

 * **अधोक्षिप्त खंड (Downthrown Block):** नीचे धंसने वाला भाग।

भ्रंश के प्रकार (Types of Faults)

 1.*सामान्य भ्रंश (Normal Fault):** जब तनावमूलक बल के कारण दरार के दोनों ओर की चट्टानें विपरीत दिशाओं में खिसकती हैं। इसमें एक भाग नीचे खिसक जाता है।

 2. **व्युत्क्रम भ्रंश (Reverse Fault):** जब संपीडनात्मक बल के कारण दरार के सहारे चट्टानें एक-दूसरे की ओर खिसकती हैं और एक भाग दूसरे भाग पर चढ़ जाता है।

 3. **पार्श्विक या नतिलम्बी भ्रंश (Lateral / Strike-Slip Fault):** जब चट्टानों का खिसकाव क्षैतिज दिशा में (एक-दूसरे के अगल-बगल) होता है, ऊपर या नीचे नहीं।

 4. **सोपानी या सीढ़ीदार भ्रंश (Step Fault):** जब किसी क्षेत्र में एक ही दिशा में कई समानांतर भ्रंश बन जाते हैं, जिससे सीढ़ी जैसी संरचना बनती है।

## 4. भ्रंश द्वारा निर्मित भू-आकृतियाँ (Landforms formed by Faulting)

 * **भ्रंश घाटी (Rift Valley / Graben):** जब दो समानांतर भ्रंशों के बीच का मध्यवर्ती भाग नीचे धंस जाता है (उदाहरण: भारत में **नर्मदा और तापी नदियाँ**, अफ्रीका की महान भ्रंश घाटी)।

 * **ब्लॉक पर्वत या हॉर्स्ट (Block Mountain / Horst):

   * **ब्लॉक पर्वत:** जब समानांतर भ्रंशों के बाहरी किनारे नीचे धंस जाएं और मध्य भाग ऊपर खड़ा रहे।

   * **हॉर्स्ट:** जब मध्य भाग ऊपर उठ जाए और किनारे स्थिर रहें। (उदाहरण: भारत का सतपुड़ा पर्वत, जर्मनी का ब्लैक फॉरेस्ट)।

## परीक्षा हेतु त्वरित तुलना (Quick Revision Table)

| आधार | वलन (Folding) | भ्रंश (Faulting) |

|---|---|---|

| **मुख्य बल** | संपीडनात्मक बल (Compressional Force) | तनावमूलक बल (Tensional Force) |

| **प्रक्रिया** | चट्टानों में मोड़ या लहर पड़ना | चट्टानों का टूटना एवं विस्थापन |

| **निर्मित आकृतियाँ** | मोड़दार पर्वत (जैसे हिमालय, आल्प्स) | भ्रंश घाटी, ब्लॉक पर्वत, हॉर्स्ट |

| **लोच का प्रभाव** | कोमल / लचीली चट्टानों में अधिक | कठोर चट्टानों में अधिक |

### परीक्षा उपयोगी सलाह (Exam Tip)

JNVU की मुख्य परीक्षा में इस प्रश्न (10 या 15 अंक) का उत्तर लिखते समय उत्तर के साथ **वलन (अपनति-अभिनति) और भ्रंश (सामान्य व व्युत्क्रम भ्रंश)** का रेखाचित्र (Diagram) अवश्य बनाएं। रेखाचित्र से अंक अधिक प्राप्त होते हैं।


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