प्रकरण: Components of the Earth System
पृथ्वी तंत्र के घटक
Lithosphere | Atmosphere | Hydrosphere | Biosphere
1. प्रस्तावना
पृथ्वी एक गतिशील एवं परस्पर संबद्ध तंत्र (Dynamic and Interconnected System) है। पृथ्वी के विभिन्न प्राकृतिक घटक एक-दूसरे से अलग नहीं हैं, बल्कि इनके बीच निरंतर ऊर्जा, जल, गैसों और पदार्थों का आदान-प्रदान होता रहता है।
पृथ्वी तंत्र के चार प्रमुख घटक हैं:
1. स्थलमंडल (Lithosphere)
2. वायुमंडल (Atmosphere)
3. जलमंडल (Hydrosphere)
4. जीवमंडल (Biosphere)
इन चारों के बीच होने वाली अंतःक्रियाएँ पृथ्वी पर भू-आकृतिक प्रक्रियाओं, मौसम एवं जलवायु, जल चक्र, मृदा निर्माण तथा जीवन को नियंत्रित करती हैं।
2. पृथ्वी तंत्र की संकल्पना
पृथ्वी तंत्र को एक ऐसी समग्र प्रणाली के रूप में समझा जाता है जिसमें पृथ्वी के भौतिक एवं जैविक घटक परस्पर क्रिया करते हैं।
परिभाषा
> पृथ्वी तंत्र पृथ्वी के स्थल, वायु, जल और जीव-जगत के घटकों की ऐसी गतिशील एवं परस्पर संबद्ध व्यवस्था है जिसमें ऊर्जा का प्रवाह तथा पदार्थ का निरंतर चक्रण होता रहता है।
भाग–I
LITHOSPHERE — स्थलमंडल
4. स्थलमंडल का अर्थ
Lithosphere शब्द ग्रीक भाषा के दो शब्दों से बना है:
Lithos = Rock (चट्टान)
Sphaira = Sphere (मंडल)
अर्थात Lithosphere का शाब्दिक अर्थ है:
> चट्टानों का मंडल।
भौतिक भूगोल में स्थलमंडल से सामान्यतः पृथ्वी के कठोर बाहरी ठोस भाग का आशय लिया जाता है।
इसमें पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) तथा ऊपरी मैंटल का कठोर भाग शामिल होता है।
स्थलमंडल की संरचना
स्थलमंडल मुख्यतः दो प्रमुख प्रकार की भूपर्पटी से संबंधित है:
1. महाद्वीपीय भूपर्पटी (Continental Crust)
महाद्वीपों के नीचे पाई जाती है।
अपेक्षाकृत मोटी होती है।
सामान्यतः कम घनत्व वाली होती है।
इसमें ग्रेनाइटिक प्रकृति की चट्टानों का प्रमुख योगदान होता है।
2. महासागरीय भूपर्पटी (Oceanic Crust)
महासागरों के नीचे पाई जाती है।
महाद्वीपीय भूपर्पटी की तुलना में पतली होती है।
अधिक घनत्व वाली होती है।
इसमें बेसाल्टिक चट्टानों की प्रधानता होती है।
6. स्थलमंडल की प्रमुख विशेषताएँ
1. ठोस एवं कठोर
यह पृथ्वी का कठोर बाहरी भाग है।
2. प्लेटों में विभाजित
स्थलमंडल कई बड़ी और छोटी टेक्टोनिक प्लेटों में विभाजित है।
3. गतिशील
प्लेटें धीरे-धीरे गतिशील रहती हैं।
4. स्थलरूपों का आधार
पर्वत, पठार, मैदान, घाटियाँ आदि स्थलरूपों का आधार स्थलमंडल है।
5. खनिज संसाधनों का स्रोत
कोयला, लौह अयस्क, तांबा, सोना, चूना पत्थर आदि खनिज स्थलमंडल से प्राप्त होते हैं।
7. स्थलमंडल की प्रमुख प्रक्रियाएँ
स्थलमंडल में अनेक भूगर्भीय प्रक्रियाएँ होती हैं:
प्लेट विवर्तनिकी
ज्वालामुखिता
भूकंप
पर्वतनिर्माण
अपक्षय
अपरदन
निक्षेपण
इन प्रक्रियाओं से पृथ्वी की सतह निरंतर बदलती रहती है।
पृथ्वी तंत्र में स्थलमंडल का महत्व
1. आवास
मानव एवं अन्य स्थलीय जीवों को रहने का आधार देता है।
2. मृदा
मृदा निर्माण में मूल पदार्थ उपलब्ध कराता है।
3. खनिज
विभिन्न खनिज एवं ऊर्जा संसाधन प्रदान करता है।
4. कृषि
कृषि के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराता है।
5. स्थलाकृतियाँ
पर्वत, पठार, मैदान आदि का निर्माण स्थलमंडलीय प्रक्रियाओं से होता है।
6. जीवमंडल का आधार
स्थलीय पारिस्थितिक तंत्र के लिए भौतिक आधार प्रदान करता है।
भाग–II
ATMOSPHERE — वायुमंडल
9. वायुमंडल का अर्थ
पृथ्वी के चारों ओर गुरुत्वाकर्षण द्वारा बंधे गैसों के आवरण को वायुमंडल (Atmosphere) कहा जाता है।
परिभाषा
> पृथ्वी के चारों ओर स्थित गैसों के विशाल आवरण को वायुमंडल कहते हैं।
. वायुमंडल की संरचना
वायुमंडल में प्रमुख गैसें हैं:
गैस लगभग मात्रा
नाइट्रोजन 78%
ऑक्सीजन 21%
आर्गन लगभग 0.93%
कार्बन डाइऑक्साइड लगभग 0.04%
अन्य गैसें अल्प मात्रा
इसके अतिरिक्त:
जलवाष्प
धूलकण
एरोसोल
भी पाए जाते हैं।
11. वायुमंडल की प्रमुख परतें
ऊँचाई के आधार पर वायुमंडल को मुख्यतः निम्न परतों में बाँटा जाता है:
1. क्षोभमंडल (Troposphere)
पृथ्वी की सतह के सबसे निकट।
अधिकांश मौसम संबंधी घटनाएँ यहीं होती हैं।
बादल, वर्षा, आँधी आदि इसी परत में मुख्यतः पाए जाते हैं।
2. समतापमंडल (Stratosphere)
क्षोभमंडल के ऊपर।
इसमें ओजोन की महत्वपूर्ण सांद्रता वाला क्षेत्र पाया जाता है।
वायुयान सामान्यतः इसके निचले भाग में उड़ सकते हैं।
3. मध्यमंडल (Mesosphere)
इसमें तापमान ऊँचाई के साथ सामान्यतः घटता है।
अनेक उल्कापिंड इसी क्षेत्र में जलते हैं।
4. तापमंडल (Thermosphere)
अत्यधिक ऊँचाई पर स्थित।
तापमान बहुत अधिक हो सकता है।
आयनमंडल का बड़ा भाग इसी ऊँचाई क्षेत्र से जुड़ा है।
5. बहिर्मंडल (Exosphere)
वायुमंडल की सबसे बाहरी अत्यंत विरल परत।
यह धीरे-धीरे अंतरिक्ष में विलीन होती जाती है।
12. वायुमंडल के प्रमुख कार्य
1. जीवन के लिए आवश्यक गैसें
ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड आदि उपलब्ध कराता है।
2. तापमान नियंत्रण
पृथ्वी को अत्यधिक गर्म या ठंडा होने से बचाने में सहायता करता है।
3. मौसम एवं जलवायु
मौसम संबंधी अधिकांश घटनाएँ वायुमंडल में होती हैं।
4. जल चक्र
वाष्पीकरण, संघनन एवं वर्षण में महत्वपूर्ण भूमिका।
5. विकिरण नियंत्रण
ओजोन परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों को काफी हद तक अवशोषित करती है।
6. पृथ्वी की सुरक्षा
वायुमंडल के कारण अनेक छोटे उल्कापिंड वायुमंडल में प्रवेश करते समय जल जाते हैं।
13. पृथ्वी तंत्र में वायुमंडल की भूमिका
वायुमंडल पृथ्वी के सभी अन्य मंडलों से जुड़ा है।
Atmosphere + Hydrosphere
वाष्पीकरण और वर्षण।
Atmosphere + Lithosphere
अपक्षय एवं अपरदन में जलवायु की भूमिका।
Atmosphere + Biosphere
प्रकाश संश्लेषण एवं श्वसन।
इसलिए वायुमंडल पृथ्वी तंत्र का अत्यंत सक्रिय घटक है।
भाग–III
HYDROSPHERE — जलमंडल
14. जलमंडल का अर्थ
पृथ्वी पर उपस्थित सभी प्रकार के जल को सामूहिक रूप से जलमंडल (Hydrosphere) कहते हैं।
इसमें जल की तीनों अवस्थाएँ शामिल हैं:
ठोस — बर्फ
द्रव — जल
गैस — जलवाष्प
15. जलमंडल के प्रमुख भाग
जलमंडल में शामिल हैं:
महासागर और समुद्र
पृथ्वी के जल का सबसे बड़ा भंडार।q
नदियाँ
स्थलीय जल के प्रवाह का महत्वपूर्ण माध्यम।
झीलें
स्थलीय सतह पर जल के महत्वपूर्ण भंडार।
भूजल
भूमिगत चट्टानों और मृदा में संचित जल।
हिमनद
जमे हुए जल का महत्वपूर्ण भंडार।
वायुमंडलीय जल
जलवाष्प एवं बादल।
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16. जलमंडल की प्रमुख विशेषताएँ
1. व्यापक वितरण
पृथ्वी की सतह का लगभग 71% भाग जल से ढका हुआ है।
2. तीन अवस्थाएँ
जल ठोस, द्रव और गैसीय तीनों अवस्थाओं में पाया जाता है।
3. गतिशीलता
जल लगातार एक स्थान से दूसरे स्थान तक चक्रित होता रहता है।
4. ताप नियमन
महासागर पृथ्वी के तापमान को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
17. जल चक्र (Hydrological Cycle)
जलमंडल का सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक चक्र जल चक्र है।
प्रमुख प्रक्रियाएँ
वाष्पीकरण (Evaporation)
↓
संघनन (Condensation)
↓
वर्षण (Precipitation)
↓
अपवाह (Runoff)
↓
भूजल पुनर्भरण / संचयन
↓
महासागर
↓
पुनः वाष्पीकरण
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18. पृथ्वी तंत्र में जलमंडल का महत्व
1. जीवन का आधार
सभी जीवों के लिए जल आवश्यक है।
2. जलवायु नियंत्रण
महासागर और समुद्री धाराएँ तापमान को प्रभावित करती हैं।
3. जल चक्र
पृथ्वी पर जल के निरंतर वितरण में सहायता।
4. कृषि
कृषि के लिए सिंचाई एवं वर्षा जल का आधार।
5. ऊर्जा
जलविद्युत उत्पादन में उपयोगी।
6. पारिस्थितिक तंत्र
जलीय जीवों के आवास का आधार।
भाग–IV
BIOSPHERE — जीवमंडल
19. जीवमंडल का अर्थ
पृथ्वी का वह क्षेत्र जहाँ जीवन संभव है, जीवमंडल (Biosphere) कहलाता है।
इसमें:
वनस्पतियाँ
पशु
मानव
पक्षी
सूक्ष्मजीव
आदि शामिल हैं।
परिभाषा
> जीवमंडल पृथ्वी के उन भागों का समग्र क्षेत्र है जहाँ जीव-जगत का अस्तित्व पाया जाता है।
20. जीवमंडल की विशेषताएँ
1. जीवन का क्षेत्र
यह पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व का क्षेत्र है।
2. अन्य मंडलों पर निर्भर
जीवमंडल वायु, जल और भूमि पर निर्भर है।
3. ऊर्जा का उपयोग
जीवमंडल की अधिकांश खाद्य ऊर्जा का मूल स्रोत सूर्य है।
4. जैव विविधता
विभिन्न प्रकार के पौधे, पशु और सूक्ष्मजीव पाए जाते हैं।
5. पारिस्थितिक अंतःक्रिया
जीव आपस में और अपने भौतिक पर्यावरण के साथ अंतःक्रिया करते हैं।
21. जीवमंडल के प्रमुख घटक
जीवमंडल में दो प्रमुख प्रकार के घटक माने जाते हैं:
A. जैविक घटक (Biotic Components)
उत्पादक
उपभोक्ता
अपघटक
उत्पादक
मुख्यतः हरे पौधे।
उपभोक्ता
मानव एवं अन्य पशु।
अपघटक
मुख्यतः बैक्टीरिया और फफूंद आदि।
B. अजैविक घटक (Abiotic Components)
जल
वायु
मिट्टी
तापमान
प्रकाश
खनिज
ये जैविक घटकों के जीवन को प्रभावित करते हैं।
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22. जीवमंडल और ऊर्जा प्रवाह
जीवमंडल में ऊर्जा का मुख्य स्रोत सूर्य है।
प्रक्रिया
सूर्य की ऊर्जा
↓
हरे पौधे — प्रकाश संश्लेषण
↓
शाकाहारी जीव
↓
मांसाहारी जीव
↓
अपघटक
इस प्रकार ऊर्जा खाद्य श्रृंखला के माध्यम से प्रवाहित होती है।
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23. पृथ्वी तंत्र में जीवमंडल की भूमिका
1. प्रकाश संश्लेषण
पौधे CO₂ ग्रहण करके O₂ छोड़ते हैं।
2. कार्बन चक्र
जीव कार्बन चक्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
3. ऑक्सीजन चक्र
प्रकाश संश्लेषण से वायुमंडल में ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है।
4. मृदा निर्माण
वनस्पतियों एवं जीवों के अवशेष मृदा में जैविक पदार्थ जोड़ते हैं।
5. पारिस्थितिक संतुलन
जीवों के बीच अंतःक्रियाएँ पारिस्थितिक तंत्र को संचालित करती हैं।
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24. चारों घटकों की पारस्परिक अंतःक्रिया
पृथ्वी तंत्र को समझने का सबसे महत्वपूर्ण भाग है — Interaction among the Spheres.
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Lithosphere ↔ Atmosphere
वायुमंडलीय प्रक्रियाएँ:
तापमान
वर्षा
पवन
चट्टानों के अपक्षय एवं अपरदन को प्रभावित करती हैं।
दूसरी ओर, ज्वालामुखी जैसी स्थलमंडलीय प्रक्रियाएँ वायुमंडल में गैस एवं धूलकण छोड़ सकती हैं।
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Lithosphere ↔ Hydrosphere
जल:
अपक्षय
अपरदन
परिवहन
निक्षेपण
के माध्यम से स्थलमंडल को प्रभावित करता है।
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Lithosphere ↔ Biosphere
मिट्टी एवं स्थलाकृतियाँ जीवों को आवास देती हैं।
दूसरी ओर, जीवों की गतिविधियाँ:
मृदा निर्माण
मृदा संरक्षण
जैविक अपक्षय
में योगदान करती हैं।
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Atmosphere ↔ Hydrosphere
यह संबंध मुख्यतः जल चक्र द्वारा स्पष्ट होता है:
Evaporation → Condensation → Precipitation
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Atmosphere ↔ Biosphere
पौधे CO₂ लेते हैं और O₂ छोड़ते हैं।
जीव श्वसन के दौरान O₂ लेते हैं और CO₂ छोड़ते हैं।
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Hydrosphere ↔ Biosphere
जल सभी जीवों के लिए आवश्यक है।
जलीय जीव सीधे जलमंडल पर निर्भर हैं तथा स्थलीय जीव भी जल संसाधनों पर निर्भर रहते हैं।
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25. चारों मंडलों का समग्र उदाहरण
वर्षा की प्रक्रिया को देखें:
Atmosphere में जलवाष्प का संघनन
↓
Hydrosphere में वर्षा का जल
↓
Lithosphere पर अपवाह एवं अपरदन
↓
Biosphere में वनस्पति वृद्धि
↓
वनस्पति पुनः वायुमंडल में जलवाष्प छोड़ती है।
इस प्रकार चारों मंडल एक चक्र के रूप में जुड़े हुए हैं।
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26. पृथ्वी तंत्र का सरल Flow Chart
☀️ Solar Energy
↓
ATMOSPHERE
वायु, मौसम, तापमान
↕️
HYDROSPHERE
महासागर, नदियाँ, भूजल
↕️
LITHOSPHERE
चट्टान, मिट्टी, स्थलरूप
↕️
BIOSPHERE
पौधे, पशु, मानव, सूक्ष्मजीव
↓
Energy Flow + Matter Cycling
↓
Earth System
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27. चारों घटकों की तुलनात्मक सारणी
आधार Lithosphere Atmosphere Hydrosphere Biosphere
हिंदी स्थलमंडल वायुमंडल जलमंडल जीवमंडल
प्रकृति ठोस गैसीय जल जैविक
प्रमुख तत्व चट्टान, मिट्टी गैसें जल जीव
मुख्य महत्व भूमि व संसाधन मौसम व जलवायु जल एवं ताप नियंत्रण जीवन
प्रमुख प्रक्रिया प्लेट विवर्तनिकी वायुमंडलीय परिसंचरण जल चक्र जैविक चक्र
ऊर्जा संबंध भू-आंतरिक ऊर्जा सौर ऊर्जा सौर ऊर्जा/ताप सौर ऊर्जा
प्रमुख उदाहरण पर्वत, मैदान बादल, पवन महासागर, नदी वन, जीव-जंतु
---
28. पृथ्वी तंत्र में ऊर्जा एवं पदार्थ
पृथ्वी तंत्र के चारों घटकों के बीच दो महत्वपूर्ण प्रक्रियाएँ होती हैं:
1. ऊर्जा का प्रवाह
मुख्य स्रोत:
सूर्य
सौर ऊर्जा:
Atmosphere → Hydrosphere → Biosphere
आदि में विभिन्न रूपों में उपयोग होती है।
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2. पदार्थ का चक्रण
पदार्थ एक मंडल से दूसरे मंडल में जाता रहता है।
उदाहरण:
जल चक्र
कार्बन चक्र
नाइट्रोजन चक्र
इससे पृथ्वी तंत्र निरंतर सक्रिय बना रहता है।
---
29. पृथ्वी तंत्र और मानव
मानव जीवमंडल का हिस्सा है, लेकिन आधुनिक समय में मानव पृथ्वी तंत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी शक्ति बन गया है।
मानव गतिविधियाँ
वनों की कटाई
औद्योगीकरण
नगरीकरण
खनन
कृषि विस्तार
जीवाश्म ईंधन का उपयोग
जल का अत्यधिक दोहन
प्रभाव
वायुमंडल: प्रदूषण एवं ग्रीनहाउस गैसों में वृद्धि
जलमंडल: जल प्रदूषण एवं जल संकट
स्थलमंडल: मृदा क्षरण एवं भूमि उपयोग परिवर्तन
जीवमंडल: जैव विविधता में कमी
---
30. चारों मंडलों की परस्पर निर्भरता का उदाहरण
उदाहरण: वन
वनस्पति को:
Lithosphere से मिट्टी और खनिज
Hydrosphere से जल
Atmosphere से CO₂
Sun से ऊर्जा
मिलती है।
वनस्पतियाँ बदले में:
ऑक्सीजन प्रदान करती हैं।
कार्बन का अवशोषण करती हैं।
मृदा संरक्षण करती हैं।
जल चक्र को प्रभावित करती हैं।
इसलिए वन पृथ्वी तंत्र की अंतःक्रिया का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
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31. परीक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण तथ्य ⭐
⭐ Lithosphere = ठोस पृथ्वी का कठोर बाहरी भाग
⭐ Atmosphere = गैसों का आवरण
⭐ Hydrosphere = पृथ्वी का समस्त जल
⭐ Biosphere = जीवन का क्षेत्र
⭐ पृथ्वी की लगभग 71% सतह जल से ढकी है।
⭐ वायुमंडल में नाइट्रोजन लगभग 78% और ऑक्सीजन लगभग 21% है।
⭐ जलमंडल का सबसे बड़ा जल भंडार महासागर हैं।
⭐ जीवमंडल की ऊर्जा का प्रमुख स्रोत सूर्य है।
⭐ चारों मंडल स्वतंत्र नहीं हैं, बल्कि परस्पर निर्भर हैं।
⭐ जल चक्र चारों मंडलों की अंतःक्रिया का प्रमुख उदाहरण है।
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32. संभावित लघु उत्तरीय प्रश्न
1. पृथ्वी तंत्र से क्या अभिप्राय है?
2. Lithosphere की परिभाषा दीजिए।
3. Lithosphere की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
4. Atmosphere क्या है?
5. वायुमंडल में नाइट्रोजन एवं ऑक्सीजन की मात्रा कितनी है?
6. Hydrosphere से क्या अभिप्राय है?
7. जलमंडल के प्रमुख घटक लिखिए।
8. Biosphere क्या है?
9. जीवमंडल के जैविक घटक कौन-से हैं?
10. पृथ्वी तंत्र में वायुमंडल का महत्व बताइए।
11. जलमंडल जलवायु को कैसे प्रभावित करता है?
12. चारों पृथ्वी मंडलों में क्या संबंध है?
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33. संभावित दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1
“पृथ्वी तंत्र के प्रमुख घटकों का विस्तृत वर्णन कीजिए।”
प्रश्न 2
“Lithosphere, Atmosphere, Hydrosphere तथा Biosphere की प्रमुख विशेषताओं एवं महत्व की विवेचना कीजिए।”
प्रश्न 3
“पृथ्वी तंत्र के विभिन्न घटकों की पारस्परिक अंतःक्रिया को उदाहरण सहित समझाइए।”
प्रश्न 4
“पृथ्वी तंत्र के चार प्रमुख घटकों के बीच ऊर्जा एवं पदार्थ के आदान-प्रदान की व्याख्या कीजिए।”
प्रश्न 5
“मानव गतिविधियाँ पृथ्वी के विभिन्न मंडलों को किस प्रकार प्रभावित करती हैं?”
---
34. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न के लिए आदर्श उत्तर-ढाँचा
यदि प्रश्न हो:
“Describe the Components of the Earth System.”
तो उत्तर इस क्रम में लिखें:
भूमिका
↓
पृथ्वी तंत्र की परिभाषा
↓
1. Lithosphere
अर्थ
संरचना
विशेषताएँ
महत्व
↓
2. Atmosphere
अर्थ
संरचना
परतें
कार्य
↓
3. Hydrosphere
अर्थ
घटक
जल चक्र
महत्व
↓
4. Biosphere
अर्थ
जैविक एवं अजैविक घटक
ऊर्जा प्रवाह
महत्व
↓
चारों घटकों की पारस्परिक अंतःक्रिया
↓
मानव का प्रभाव
↓
निष्कर्ष
---
35. निष्कर्ष
पृथ्वी तंत्र के Lithosphere, Atmosphere, Hydrosphere और Biosphere चार प्रमुख घटक हैं। स्थलमंडल पृथ्वी का ठोस आधार प्रदान करता है, वायुमंडल गैसीय आवरण एवं मौसम-जलवायु की व्यवस्था करता है, जलमंडल पृथ्वी के समस्त जल का प्रतिनिधित्व करता है तथा जीवमंडल पृथ्वी पर जीवन का क्षेत्र है।
इन चारों को अलग-अलग समझना आवश्यक है, लेकिन इनकी वास्तविक भूमिका इनके पारस्परिक संबंधों में दिखाई देती है। जल चक्र, कार्बन चक्र, अपक्षय, अपरदन, प्रकाश संश्लेषण और जलवायु परिवर्तन जैसी प्रक्रियाएँ इन मंडलों के बीच निरंतर अंतःक्रिया को प्रदर्शित करती हैं।
> परीक्षा हेतु याद रखने योग्य सूत्र
Lithosphere = Land/Rocks
Atmosphere = Air/Gases
Hydrosphere = Water
Biosphere = Life
इन चारों की अंतःक्रिया = Earth System
यह दृष्टिकोण आधुनिक भौतिक भूगोल में पृथ्वी को एक समग्र, गतिशील और परस्पर संबद्ध प्रणाली के रूप में समझने का आधार है।
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