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अक्षांश और देशांतर

                                                                             अक्षांश और देशांतर                     पृथ्वी पश्चिम से पूर्व दिशा में एक धुरी पर घूमती है, धुरी तो एक कल्पित रेखा है। जो ध्रुवो से होकर पृथ्वी के मध्य से निकली हुई मान ली गई है। यह कल्पित रेखा ही पृथ्वी का अक्ष है।  उत्तरी ध्रुव सदैव पॉल ओरियस नामक तारे के नीचे रहता है। अक्षांश तथा देशांतर रेखाओं के द्वारा ही पृथ्वी के गोले पर किसी स्थान की सही स्थिति ज्ञात की जा सकती है।  अक्षांश   भूमध्य रेखा के तल के सहारे उत्तर तथा दक्षिण की किसी स्थान की कोणात्मक दूरी को अक्षांश कहते हैं। यह सदैव अंशों में मापी जाती है।  अक्षांश रेखा   वह रेखा जो एक ही अक्षांश वाले स्थानों को जोड़ती है, अक्षांश रेखा कहलाती है। कु...

पृथ्वी की गतियाँ

            पृथ्वी की गतियाँ                               परिचय : सौर परिवार का एकमात्र जीवन्त गृह पृथ्वी को माना गया है। पृथ्वी को नीला ग्रह कहाँ गया है। क्योंकि, पृथ्वी का 71% भाग पानी से ढका हुआ है। अन्तरिक्ष से देखने पर यह नीले रंग का दिखता है। पृथ्वी पर मानव का निवास स्थान कई वर्षों से रहा है। मानव के मन में विभिन्न प्रकार की जिज्ञासाएँ उत्पन्न है। जैसे: पृथ्वी कैसे बनी, सूर्य कैसे बना, पृथ्वी पर ही जीवन सम्भव क्यो हैं।, तारे रात को ही क्यो चमकते हैं। पृथ्वी एक गतिशील ग्रह है पृथ्वी की गतियों को मुख्यतः दो भागों में बाटा गया है। पृथ्वी की गतियाँ 1.घूर्णन गति दैनिक गति 2.परिक्रमण गति वार्षिक गति 1. घूर्णन गति:- पृथ्वी अपने ही स्थान (अक्ष) पर घूमती है, इस गति को घूर्णन गति कहते है। पृथ्वी को अपने अक्ष पर चक्कर लगाने में 24 घंटे का समय लगता है। इस कारण इसे दैनिक गति भी कहते हैं। हैं। पृथ्वी  पश्चिम से पूर्व दिशा में घूमती है, इसलिए सूर्योदय पूर्व दिशा में ...

Physical Geography Earth's Internal Structure. पृथ्वी की आन्तरिक संरचना

  ★ पृथ्वी की आन्तरिक  संरचना  पृथ्वी की आन्तरिक संरचना को अभी तक किसी भी मानव ने प्रत्यक्ष रूप में नहीं देखा, पृथ्वी के आन्तरिक भाग को अप्रत्यक्ष प्रमाणों के आधार पर समझा जा सकता है। क्योंकि पृथ्वी के आन्तरिक भाग में पहुंच पाना असभव है। भूगर्भ की जानकारी के साधन ( पृथ्वी की आन्तरिक संरचना के स्त्रोत ) पृथ्वी की आन्तरिक संरचना के स्त्रोत 1. अप्राकृतिक स्त्रोत :- घनत्व, तापमान,दबाव 2. पृथ्वी की उत्पति से संबंधित सिद्धान्तों के साक्ष्य  3. प्राकृतिक स्त्रोत :- ज्वालामुखी उद्‌गार, भूकम्पविज्ञान

Physical Geography Introducation

        भूगोल का परिचय (Introduction to Geography)                     भूगोल एक प्रगतिशील विज्ञान है.  इ सका अध्ययन पृथ्वी की उत्पत्ति के साथ ही प्रारम्भ हो गया था, लेकिन इसकी परिभाषाओं में फेर-बदल होते रहे  हैं. भूगोल का परिचय  (Introduction to Geography) भूगोल का शाब्दिक अर्थ “गोल पृथ्वी” माना जाता था. अंग्रेजी शब्द  Geography  दो यूनानी शब्दों ( Geog+Graphy ) से मिलकर बना है. इसमें ‘Geog’ का अर्थ है पृथ्वी और “Graphy” का अर्थ है लिखना या वर्णन करना अर्थात्  Geography  शब्द का शाब्दिक अर्थ हुआ पृथ्वी का वर्णन . इरेटास्थनीज  ने सबसे पहले  ज्योग्रफ्रिका  अर्थात् ‘ भूगोल ‘ शब्द का प्रयोग किया था. इसी वजह से  इरेटास्थनीज को   भूगोल का जन्मदाता माना जाता है. विगत कुछ वर्षों में भूगोल का स्वरूप बदला है तथा इसकी विषय-वस्तु में विस्तार हुआ है. स्ट्रेबो (Strabo)  नामक भूगोलवेत्ता ने भूगोल को एक स्वतंत्र विषय माना था जिसका उद्देश्य लोगों को इस विश...