MNR I 3.Galaxies: Types and Distribution

 जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर

बी.ए. प्रथम सेमेस्टर (Minor Geography)

प्रकरण: Galaxies: Types and Distribution (आकाशगंगाएँ: प्रकार एवं वितरण)

By Dr Naveen Kumar Pareek 


परिचय

ब्रह्माण्ड (Universe) असंख्य खगोलीय पिंडों से मिलकर बना है। इन खगोलीय पिंडों में तारे, ग्रह, उपग्रह, नीहारिकाएँ, धूमकेतु, क्षुद्रग्रह तथा आकाशगंगाएँ (Galaxies) प्रमुख हैं। आकाशगंगा ब्रह्माण्ड की सबसे विशाल संरचनाओं में से एक है। प्रत्येक आकाशगंगा में करोड़ों से लेकर खरबों तारे, गैस, धूल तथा डार्क मैटर (Dark Matter) होते हैं।

वर्तमान वैज्ञानिक अनुमानों के अनुसार दृश्य ब्रह्माण्ड में लगभग 2 ट्रिलियन (2 लाख करोड़) आकाशगंगाएँ हो सकती हैं।


आकाशगंगा (Galaxy) की परिभाषा

आकाशगंगा तारों, गैस, धूल, ग्रहों, नीहारिकाओं तथा डार्क मैटर का एक विशाल गुरुत्वाकर्षणीय समूह है, जो अपने गुरुत्वाकर्षण बल के कारण एक साथ बंधा रहता है।

तारों का अत्यंत विशाल समूह, जिसे गुरुत्वाकर्षण एक साथ बाँधे रखता है, आकाशगंगा कहलाता है।

आकाशगंगा की प्रमुख विशेषताएँ

1. प्रत्येक आकाशगंगा में लाखों से खरबों तारे होते हैं।

2. सभी तारे एक सामान्य गुरुत्वाकर्षण केंद्र की परिक्रमा करते हैं।

3. अधिकांश आकाशगंगाओं के केंद्र में महाविशाल ब्लैक होल (Supermassive Black Hole) पाया जाता है।

4. गैस एवं धूल से नए तारों का निर्माण होता रहता है।

5. आकाशगंगाएँ निरंतर गति करती रहती हैं।


आकाशगंगाओं का वर्गीकरण (Types of Galaxies)

अमेरिकी खगोलशास्त्री एडविन हबल (Edwin Hubble) ने 1926 में आकाशगंगाओं का आकार (Morphology) के आधार पर वर्गीकरण किया।

1. सर्पिल आकाशगंगा (Spiral Galaxy)

यह सबसे सामान्य एवं आकर्षक प्रकार की आकाशगंगा है।

विशेषताएँ

चक्राकार केंद्र (Bulge)

उससे निकलती सर्पिल भुजाएँ (Spiral Arms)

गैस एवं धूल की अधिकता

नए तारों का निरंतर निर्माण

युवा एवं पुराने दोनों प्रकार के तारे

उदाहरण

Milky Way (मंदाकिनी)

Andromeda Galaxy

महत्व

हमारी पृथ्वी जिस आकाशगंगा में स्थित है, वह Milky Way एक सर्पिल आकाशगंगा है।


2. दीर्घवृत्ताकार आकाशगंगा (Elliptical Galaxy)

इनका आकार गोल अथवा अंडाकार होता है।

विशेषताएँ

गैस एवं धूल बहुत कम

नए तारों का निर्माण लगभग नहीं

पुराने तारों की अधिकता

चमक अपेक्षाकृत कम

उदाहरण

M87 Galaxy


3. अनियमित आकाशगंगा (Irregular Galaxy)

इनका कोई निश्चित आकार नहीं होता।

विशेषताएँ

अनियमित आकृति

गैस एवं धूल की अधिकता

नए तारों का तीव्र निर्माण

प्रायः अन्य आकाशगंगाओं के गुरुत्वीय प्रभाव से विकृत

उदाहरण

Large Magellanic Cloud

Small Magellanic Cloud


4. लेंसाकार आकाशगंगा (Lenticular Galaxy)


यह सर्पिल तथा दीर्घवृत्ताकार आकाशगंगाओं के मध्यवर्ती प्रकार की होती है।


विशेषताएँ


चक्राकार केंद्र


सर्पिल भुजाएँ स्पष्ट नहीं


गैस एवं धूल कम


नए तारों का निर्माण सीमित



उदाहरण


Sombrero Galaxy




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हबल वर्गीकरण (Hubble Classification)


हबल ने आकाशगंगाओं को मुख्यतः चार वर्गों में विभाजित किया—


Spiral (S)


Barred Spiral (SB)


Elliptical (E)


Irregular (Irr)



यह वर्गीकरण आकाशगंगा के आकार एवं संरचना पर आधारित है।



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हमारी आकाशगंगा (Milky Way)

हमारी पृथ्वी मंदाकिनी (Milky Way Galaxy) में स्थित है।

प्रमुख विशेषताएँ

प्रकार – Spiral Galaxy

व्यास – लगभग 1 लाख प्रकाश वर्ष

तारे – लगभग 100–400 अरब

सूर्य की स्थिति – केंद्र से लगभग 26,000 प्रकाश वर्ष

सूर्य को एक परिक्रमा पूरी करने में लगभग 22.5–25 करोड़ वर्ष लगते हैं।


आकाशगंगाओं का वितरण (Distribution of Galaxies)

आकाशगंगाएँ पूरे ब्रह्माण्ड में समान रूप से वितरित नहीं हैं। वे समूहों एवं महा-समूहों में संगठित रहती हैं।

1. Galaxy (आकाशगंगा)

एक स्वतंत्र आकाशगंगा जिसमें अरबों तारे होते हैं।

उदाहरण—Milky Way

2. Galaxy Group (आकाशगंगा समूह)

लगभग 50–60 आकाशगंगाओं का समूह।

उदाहरण

Local Group

इसमें प्रमुख आकाशगंगाएँ—

Milky Way

Andromeda

Triangulum

Large Magellanic Cloud

Small Magellanic Cloud


3. Galaxy Cluster (आकाशगंगा गुच्छ)

सैकड़ों या हजारों आकाशगंगाओं का विशाल समूह।

उदाहरण

Virgo Cluster


4. Supercluster (महागुच्छ)

अनेक Galaxy Clusters मिलकर Supercluster बनाते हैं।

हमारा Local Group Laniakea Supercluster का भाग माना जाता है।


5. Cosmic Web

यह ब्रह्माण्ड की सबसे विशाल संरचना है।

इसमें आकाशगंगाएँ तथा सुपरक्लस्टर जाल (Web) के समान जुड़े रहते हैं।


आकाशगंगाओं के वितरण को प्रभावित करने वाले कारक

1. गुरुत्वाकर्षण बल

2. डार्क मैटर का वितरण

3. ब्रह्माण्ड का विस्तार

4. प्रारंभिक ब्रह्माण्ड में पदार्थ का असमान वितरण


आकाशगंगाओं का महत्व

तारों का जन्म एवं विकास

ग्रहों का निर्माण

ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति एवं विकास का अध्ययन

डार्क मैटर एवं डार्क एनर्जी का अध्ययन

खगोलीय दूरियों का निर्धारण

आधुनिक ब्रह्माण्ड विज्ञान (Cosmology) का आधार


प्रमुख आकाशगंगाएँ

आकाशगंगा प्रकार विशेषता

Milky Way Spiral हमारी आकाशगंगा

Andromeda Spiral सबसे निकट बड़ी आकाशगंगा

Large Magellanic Cloud Irregular Milky Way की उपग्रह आकाशगंगा

Small Magellanic Cloud Irregular उपग्रह आकाशगंगा

Sombrero Lenticular लेंसाकार आकाशगंगा



परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

Galaxy शब्द यूनानी शब्द Galaxias से बना है।

हबल वर्गीकरण – 1926

हमारी आकाशगंगा – Milky Way


Milky Way का प्रकार – Spiral Galaxy


निकटतम बड़ी आकाशगंगा – Andromeda


Milky Way का व्यास – लगभग 1 लाख प्रकाश वर्ष


सूर्य केंद्र से – लगभग 26,000 प्रकाश वर्ष दूर


Local Group में लगभग 50 से अधिक आकाशगंगाएँ हैं।


ब्रह्माण्ड की सबसे बड़ी संरचना – Cosmic Web




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संभावित परीक्षा प्रश्न


अति लघु उत्तरीय (2 अंक)


1. आकाशगंगा क्या है?



2. Milky Way किस प्रकार की आकाशगंगा है?



3. Local Group क्या है?



4. Andromeda किस प्रकार की आकाशगंगा है?




लघु उत्तरीय (5 अंक)


1. सर्पिल एवं दीर्घवृत्ताकार आकाशगंगा में अंतर स्पष्ट कीजिए।



2. अनियमित आकाशगंगा की विशेषताएँ लिखिए।



3. Milky Way का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।




दीर्घ उत्तरीय (10–15 अंक)


1. हबल के आकाशगंगा वर्गीकरण का विस्तृत वर्णन कीजिए।



2. आकाशगंगाओं के प्रकारों का चित्र सहित वर्णन कीजिए।



3. आकाशगंगाओं के वितरण (Distribution of Galaxies) की व्याख्या कीजिए।



4. Milky Way आकाशगंगा की संरचना एवं विशेषताओं का विस्तार से वर्णन कीजिए।




परीक्षा हेतु याद रखने योग्य सूत्र


"SEIL" से चार मुख्य प्रकार याद रखें:


S – Spiral (सर्पिल)


E – Elliptical (दीर्घवृत्ताकार)


I – Irregular (अनियमित)


L – Lenticular (लेंसाकार)




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