MJR 5.चट्टान (Rock) का अर्थ एवं प्रकार
चट्टान (Rock) का अर्थ एवं प्रकार
🔹 चट्टान का अर्थ
पृथ्वी की बाहरी परत ठोस खनिज पदार्थों से बनी होती है। इन खनिजों के समूह को चट्टान (Rock) कहते हैं।
👉 सरल शब्दों में – खनिजों का प्राकृतिक संघटन जो ठोस रूप में पृथ्वी की सतह या आंतरिक भाग में पाया जाता है, उसे चट्टान कहते हैं।
🔹 चट्टानों के प्रमुख प्रकार
भूगर्भशास्त्रियों ने चट्टानों को उनकी उत्पत्ति के आधार पर 3 मुख्य प्रकारों में विभाजित किया है –
1. आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks)
- लावा या मैग्मा के ठंडा होकर जम जाने से बनी चट्टानें।
- ये पृथ्वी की सबसे प्राचीन चट्टानें हैं।
- विशेषता: कठोर, सघन, क्रिस्टलीय संरचना।
- उदाहरण: ग्रेनाइट (Granite), बेसाल्ट (Basalt), गैब्ब्रो (Gabbro)।
2. अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks)
- नदियों, झीलों, हवाओं एवं समुद्री लहरों द्वारा लाई गई मिट्टी, बालू, कंकड़ आदि के परतों में जमने से बनी चट्टानें।
- इनमें जीवाश्म (Fossils) पाए जाते हैं।
- परतदार संरचना स्पष्ट दिखाई देती है।
- उदाहरण: बलुआ पत्थर (Sandstone), चूना पत्थर (Limestone), शेल (Shale), कांग्लोमरेट।
3. कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks)
- आग्नेय या अवसादी चट्टानों पर अत्यधिक दबाव, तापमान एवं रासायनिक क्रियाओं के प्रभाव से बनी चट्टानें।
- इनमें मूल चट्टान का रूप बदल जाता है।
- उदाहरण:
- ग्रेनाइट → गनीस (Gneiss)
- बलुआ पत्थर → क्वार्टजाइट (Quartzite)
- चूना पत्थर → संगमरमर (Marble)
- शेल → स्लेट (Slate)
✅ संक्षेप में:
- आग्नेय = ज्वालामुखीय स्रोत से बनी
- अवसादी = परतों के जमाव से बनी
- कायांतरित = पुरानी चट्टानों के रूपांतरण से बनी
Meaning and types of rocks
🔹 Meaning of rocks
The outer layer of the earth is made up of solid minerals. The group of these minerals is called rocks.
👉 In simple words – The natural composition of minerals which is found in solid form on the surface or interior of the earth is called rocks.
🔹 Major types of rocks
Geologists have divided rocks into 3 main types based on their origin –
1. Igneous rocks
Rocks formed by the cooling and solidification of lava or magma.
These are the oldest rocks on earth.
Characteristics: Hard, dense, crystalline structure.
Example: Granite, Basalt, Gabbro.
2. Sedimentary Rocks
Rocks formed by the deposition of layers of soil, sand, pebbles etc. brought by rivers, lakes, winds and sea waves.
Fossils are found in them.
Layered structure is clearly visible.
Examples: Sandstone, Limestone, Shale, Conglomerate.
3. Metamorphic Rocks
Rocks formed by the effect of extreme pressure, temperature and chemical reactions on igneous or sedimentary rocks.
In these, the form of the original rock changes.
Example:
Granite → Gneiss
Sandstone → Quartzite
Limestone → Marble
Shale → सलेट
✅ In short:
Igneous = formed from volcanic source
Sedimentary = formed by deposition of layers
Metamorphic = formed by transformation of older rocks.
JNVU, जोधपुर — B.A. प्रथम वर्ष भूगोल (Major)
विषय: शैल (Rocks) एवं उनका वर्गीकरण
1. शैल (Rock) का अर्थ
पृथ्वी की भूपर्पटी मुख्यतः विभिन्न प्रकार की शैलों से निर्मित है। खनिजों के एक या अधिक समूहों से निर्मित प्राकृतिक, ठोस एवं कठोर पदार्थ को शैल (Rock) कहते हैं।
शैल पृथ्वी की सतह तथा आंतरिक भाग की संरचना को समझने में महत्वपूर्ण हैं। इनके निर्माण, संरचना तथा अपक्षय की प्रक्रियाओं का अध्ययन भू-विज्ञान (Geology) की आधारभूत शाखाओं में किया जाता है।
उदाहरण: ग्रेनाइट, बेसाल्ट, बलुआ पत्थर, चूना पत्थर, संगमरमर आदि।
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2. शैलों की प्रमुख विशेषताएँ
1. शैल प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पदार्थ हैं।
2. इनका निर्माण एक या अनेक खनिजों से होता है।
3. शैलों की कठोरता, रंग, बनावट एवं संरचना अलग-अलग होती है।
4. कुछ शैल एक ही खनिज से बनी हो सकती हैं, जबकि कुछ में अनेक खनिज पाए जाते हैं।
5. शैलों का निर्माण पृथ्वी की सतह पर तथा उसके अंदर दोनों स्थानों पर हो सकता है।
6. तापमान, दबाव, अपक्षय, अपरदन तथा निक्षेपण जैसी प्रक्रियाएँ शैलों को प्रभावित करती हैं।
7. एक प्रकार की शैल भूगर्भीय प्रक्रियाओं द्वारा दूसरे प्रकार की शैल में परिवर्तित हो सकती है।
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3. शैलों का वर्गीकरण
शैलों को उनके उत्पत्ति एवं निर्माण की प्रक्रिया के आधार पर मुख्यतः तीन वर्गों में बाँटा जाता है:
(A) आग्नेय शैल — Igneous Rocks
मैग्मा या लावा के ठंडा होकर जमने से बनती हैं।
(B) अवसादी शैल — Sedimentary Rocks
अवसादों के निक्षेपण, संघनन एवं सीमेंटीकरण से बनती हैं।
(C) कायांतरित शैल — Metamorphic Rocks
पूर्ववर्ती शैलों में ताप, दबाव तथा रासायनिक सक्रिय द्रवों के प्रभाव से परिवर्तन होने पर बनती हैं।
सरल वर्गीकरण
शैल (Rocks)
→ आग्नेय शैल
→ अवसादी शैल
→ कायांतरित शैल
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4. आग्नेय शैल (Igneous Rocks)
आग्नेय शैल वे शैल हैं जिनका निर्माण पृथ्वी के अंदर उपस्थित मैग्मा या पृथ्वी की सतह पर निकले लावा के ठंडा होकर ठोस बनने से होता है।
इन्हें प्राथमिक शैल (Primary Rocks) भी कहा जाता है, क्योंकि पृथ्वी की प्रारंभिक ठोस पर्पटी के निर्माण में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
निर्माण प्रक्रिया
मैग्मा → ठंडा होना → क्रिस्टलीकरण → आग्नेय शैल
यदि मैग्मा पृथ्वी के अंदर धीरे-धीरे ठंडा होता है तो बड़े-बड़े क्रिस्टल बनते हैं। यदि लावा सतह पर तेजी से ठंडा होता है तो छोटे क्रिस्टल अथवा काँचीय बनावट विकसित हो सकती है।
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आग्नेय शैलों का वर्गीकरण
(1) अंतर्वेधी आग्नेय शैल
Intrusive / Plutonic Rocks
जब मैग्मा पृथ्वी की सतह के नीचे धीरे-धीरे ठंडा होकर जमता है, तो अंतर्वेधी शैल बनती हैं।
विशेषताएँ:
निर्माण पृथ्वी के अंदर होता है।
शीतलन की गति धीमी होती है।
बड़े-बड़े खनिज क्रिस्टल विकसित होते हैं।
शैल सामान्यतः मोटे दानेदार होती हैं।
उदाहरण:
ग्रेनाइट (Granite)
गैब्रो (Gabbro)
डायोराइट (Diorite)
(2) बहिर्वेधी आग्नेय शैल
Extrusive / Volcanic Rocks
जब लावा ज्वालामुखी के माध्यम से पृथ्वी की सतह पर आकर तेजी से ठंडा होता है, तो बहिर्वेधी शैल बनती हैं।
विशेषताएँ:
निर्माण सतह पर होता है।
लावा तेजी से ठंडा होता है।
क्रिस्टल बहुत छोटे होते हैं।
कभी-कभी काँचीय बनावट भी मिलती है।
उदाहरण:
बेसाल्ट (Basalt)
ऑब्सीडियन (Obsidian)
प्यूमिस (Pumice)
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5. अवसादी शैल (Sedimentary Rocks)
पृथ्वी की सतह पर चट्टानों के अपक्षय एवं अपरदन से प्राप्त पदार्थों का परिवहन तथा निक्षेपण होता है। लंबे समय तक दबाव, संघनन और सीमेंटीकरण के परिणामस्वरूप अवसादी शैलों का निर्माण होता है।
निर्माण की सामान्य प्रक्रिया
अपक्षय → अपरदन → परिवहन → निक्षेपण → संघनन → सीमेंटीकरण → अवसादी शैल
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अवसादी शैलों की प्रमुख विशेषताएँ
1. इनमें प्रायः परतें (Layers/Strata) पाई जाती हैं।
2. इनमें जीवाश्म (Fossils) मिलने की संभावना अधिक होती है।
3. इनका निर्माण मुख्यतः पृथ्वी की सतह पर होता है।
4. ये सामान्यतः परतदार होती हैं।
5. इनमें छिद्रता तथा पारगम्यता कई बार अधिक होती है।
6. कोयला, चूना पत्थर तथा पेट्रोलियम से संबंधित अनेक निक्षेप अवसादी शैल-समूहों से जुड़े हैं।
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6. अवसादी शैलों का वर्गीकरण
(A) यांत्रिक/क्लास्टिक अवसादी शैल
पहले से मौजूद शैलों के टूटे हुए कणों के निक्षेपण से बनती हैं।
उदाहरण:
बलुआ पत्थर (Sandstone)
शेल (Shale)
कांग्लोमरेट (Conglomerate)
(B) रासायनिक अवसादी शैल
जल में घुले पदार्थों के रासायनिक अवक्षेपण से बनती हैं।
उदाहरण:
जिप्सम
सेंधा नमक
कुछ प्रकार का चूना पत्थर
(C) जैविक/कार्बनिक अवसादी शैल
पौधों एवं जीव-जंतुओं के अवशेषों के संचयन तथा परिवर्तन से बनने वाली शैल।
उदाहरण:
कोयला
जैविक चूना पत्थर
कुछ प्रकार की जीवाश्मयुक्त शैल
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7. कायांतरित शैल (Metamorphic Rocks)
पूर्ववर्ती आग्नेय, अवसादी या कायांतरित शैलों में उच्च तापमान, दबाव तथा रासायनिक सक्रिय द्रवों के प्रभाव से उनके खनिजीय एवं संरचनात्मक स्वरूप में परिवर्तन होने पर कायांतरित शैलों का निर्माण होता है।
यह परिवर्तन सामान्यतः बिना पूर्ण रूप से पिघले होता है।
उदाहरण
मूल शैल कायांतरित शैल
चूना पत्थर संगमरमर
बलुआ पत्थर क्वार्टजाइट
शेल स्लेट
ग्रेनाइट नाइस
कोयला एन्थ्रासाइट
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कायांतरण के प्रमुख प्रकार
1. तापीय कायांतरण
मुख्य रूप से उच्च तापमान के प्रभाव से।
2. क्षेत्रीय कायांतरण
विशाल क्षेत्रों में अत्यधिक दबाव एवं तापमान के कारण, विशेषकर पर्वतनिर्माण क्षेत्रों में।
3. संपर्क कायांतरण
मैग्मा के संपर्क में आने वाले आसपास के शैल-पदार्थ में ताप के कारण परिवर्तन।
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8. शैल चक्र (Rock Cycle)
शैलों का सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत शैल चक्र है। इसके अनुसार एक प्रकार की शैल भूगर्भीय प्रक्रियाओं द्वारा दूसरे प्रकार की शैल में परिवर्तित हो सकती है।
मैग्मा
↓ ठंडा होना
आग्नेय शैल
↓ अपक्षय एवं अपरदन
अवसाद
↓ निक्षेपण + संघनन + सीमेंटीकरण
अवसादी शैल
↓ ताप + दबाव
कायांतरित शैल
↓ अत्यधिक ताप → पिघलना
मैग्मा
साथ ही आग्नेय, अवसादी या कायांतरित—कोई भी शैल पुनः कायांतरण, अपक्षय अथवा पिघलने जैसी प्रक्रियाओं से दूसरे रूप में परिवर्तित हो सकती है।
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9. तीनों प्रमुख शैलों में अंतर
आधार आग्नेय शैल अवसादी शैल कायांतरित शैल
निर्माण मैग्मा/लावा के ठंडा होने से अवसादों के निक्षेपण से पूर्ववर्ती शैलों के परिवर्तन से
मुख्य प्रक्रिया शीतलन एवं क्रिस्टलीकरण निक्षेपण, संघनन, सीमेंटीकरण ताप एवं दबाव
परतें सामान्यतः नहीं सामान्यतः होती हैं कई में पर्णन/बैंडिंग
जीवाश्म सामान्यतः नहीं अपेक्षाकृत अधिक सामान्यतः नष्ट/परिवर्तित
उदाहरण ग्रेनाइट, बेसाल्ट बलुआ पत्थर, शेल संगमरमर, स्लेट, नाइस
अन्य नाम प्राथमिक शैल स्तरित शैल परिवर्तित शैल
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10. परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
2 अंक के प्रश्न
1. शैल की परिभाषा दीजिए।
2. आग्नेय शैल क्या है?
3. अवसादी शैल क्या है?
4. कायांतरित शैल से क्या तात्पर्य है?
5. दो आग्नेय शैलों के नाम लिखिए।
6. दो अवसादी शैलों के नाम लिखिए।
7. संगमरमर किस शैल का उदाहरण है?
8. शैल चक्र क्या है?
5 अंक के प्रश्न
1. आग्नेय शैलों की उत्पत्ति एवं वर्गीकरण समझाइए।
2. अवसादी शैलों की प्रमुख विशेषताएँ एवं प्रकार लिखिए।
3. कायांतरित शैलों के निर्माण की प्रक्रिया समझाइए।
4. आग्नेय एवं अवसादी शैलों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
10–15 अंक के दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
“शैलों से क्या अभिप्राय है? उत्पत्ति के आधार पर शैलों का विस्तृत वर्गीकरण करते हुए आग्नेय, अवसादी एवं कायांतरित शैलों की विशेषताओं और उदाहरणों की विवेचना कीजिए।”
परीक्षा में याद रखने योग्य सूत्र
आग्नेय = मैग्मा/लावा + ठंडा होना
अवसादी = अपक्षय + अपरदन + निक्षेपण + संघनन/सीमेंटीकरण
कायांतरित = पूर्ववर्ती शैल + ताप + दबाव + रासायनिक सक्रियता
शैल चक्र = एक शैल → दूसरी शैल → पुनः दूसरी शैल
निष्कर्ष
शैल पृथ्वी की भौतिक संरचना की आधारभूत इकाइयाँ हैं। आग्नेय शैल मैग्मा या लावा के ठंडा होने से, अवसादी शैल अवसादों के निक्षेपण एवं शिलीकरण से तथा कायांतरित शैल पूर्ववर्ती शैलों के ताप और दबाव के कारण परिवर्तन से बनती हैं। इन तीनों के बीच निरंतर परिवर्तन शैल चक्र के माध्यम से होता रहता है।
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